विधवा विवाह सही या गलत

विधवा विवाह सही या गलत 

स्त्री पुरुष के बराबर नहीं बल्कि , वो पुरुष से कई गुना श्रेष्ठ है. ये उसकी श्रेष्ठातa ही है कि विधुर पुरुष की देखा देखि विधवा स्त्री विवाह नहीं करती दुबारा. 
पुरुष को भी चाहिए की वो स्त्रियों से अपने जीवन साथी के प्रति समर्पण सीखे . और vidhur हो जाने प
र दूसरी शादी न करें। 
स्त्री को सात फेरे के सात जन्म का साथ का दिया हुआ बचन याद रहता है। वो अगले जन्म में भी उसी की कामना रखती है। इसीलिए नहीं करती विधवा विवाह। जो स्त्री फेरे ले के शादी करी है और उसको फेरे का मतलब पता है और उस समय दिया हुआ वचन याद है वो कभी नहीं करेगी शादी।
अगर रोकना ही है तो विधुरों को शादी से रोको वो क्यों सात जनम के बचन को छोड़ कर कर लेटें हों शादी 
ऐसे समर्पित प्यार को मेरा शत शत नमन जो अगले जन्म तक अपने प्यार को पाने का इंतिजार करे .

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